रिवरतलामी के Blog se
This I found on Ravi Ratlami’s blog:
He writes, “मेरे मुहल्ले का राजू पनवाड़ी चीज़ों को दूसरी दृष्टि से देखता है. उधारी मांगने वालों से पीछा छुड़ाने के लिए उसने अभी-अभी ही यह सूचना चिपकाई है-”

Visit his blog here.
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